Site icon Indiasung – भारत की सबसे तेज़ी से बढ़ती हिंदी वेबसाइट, जानें फाइनेंस, सरकारी योजना, और डिजिटल टिप्स आसान भाषा में।

अजीत दादा पवार की विस्तृत जीवनी (Ajit Pawar Biography in Hindi) — 28 जनवरी 2026 तक

file 000000006f1c6230962f90525f8e9a77 (1)

अजीत दादा पवार की विस्तृत जीवनी (Ajit Pawar Biography in Hindi) — 28 जनवरी 2026 तक

Meta Description: जानें अजीत दादा पवार का जीवन परिचय, राजनीतिक सफर, उपलब्धियाँ, विवाद, परिवार, शिक्षा, और 28 जनवरी 2026 को हुई मृत्यु का विस्तृत विवरण।

अजीत दादा अनंतराव पवार (Ajit Anantrao Pawar) महाराष्ट्र के एक प्रभावशाली राजनीतिज्ञ और छह बार उपमुख्यमंत्री रहे। उन्होंने भारतीय राजनीति में गहरा प्रभाव डाला और उनके निधन से महाराष्ट्र राजनीति में बड़ा शोक उत्पन्न हुआ। इस ब्लॉग में हम उनके जीवन का हर महत्वपूर्ण पहलू विस्तार से जानते हैं।

🔹 प्रारंभिक जीवन और परिवार

🎓 शिक्षा और प्रारंभिक पढ़ाई

अजीत पवार ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा महाराष्ट्र में ही प्राप्त की। कुछ रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने कॉलेज तक शिक्षा प्राप्त की, लेकिन राजनीति में तेजी से शामिल होने के कारण उच्च शिक्षा पूरी नहीं कर पाए। वे बारामती से स्कूलिंग करने के बाद राजनीति के क्षेत्र में सक्रिय हुए। 4

🏛️ राजनीतिक सफर

🚶‍♂️ राजनीति में प्रवेश

1982 में अजीत दादा पवार ने राजनीति में कदम रखा। शुरुआत उन्होंने सहकारी समितियों, दूध संघों और शक्कर मिलों के माध्यम से की, जहां उनकी नेतृत्व क्षमता स्पष्ट रूप से नज़र आई। 5

🗳️ विधानसभा और पद

📌 पार्टी और नेतृत्व

अजीत पवार दादा ने शुरुआत में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के सदस्य के रूप में राजनीति की, लेकिन 2023 में पार्टी में मतभेदों के कारण उन्होंने NCP के अपने एक गुट के साथ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में शामिल होकर उपमुख्यमंत्री का पद संभाला। 8

🏆 प्रमुख योगदान और उपलब्धियाँ

अजीत पवार दादा ने महाराष्ट्र की राजनीति में कई बड़े इन्फ़्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स, शहरी विकास योजनाओं और सहकारी आंदोलन को आगे बढ़ाया। विशेष रूप से पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ के विकास में उनके योगदान को याद किया जाता है, जिसमें मेट्रो, फ्लायओवर, पानी के उपाय और ग्रामीण-शहरी विकास योजनाएँ शामिल हैं। 9

⚠️ विवाद और आलोचना

राजनीतिक जीवन में अजीत पवार दादा कई विवादों से भी जुड़े रहे। कुछ आलोचकों ने उनके कार्यकाल के दौरान भ्रष्टाचार और प्रशासनिक मुद्दों पर सवाल उठाए। हालांकि, इन आरोपों का राजनीतिक और कानूनी परिणाम अलग-अलग रहा। 10

🕊️ 28 जनवरी 2026: निधन और विरासत

28 जनवरी 2026 की सुबह अजीत दादा पवार का विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिससे वे और चार अन्य लोग शहीद हो गए। विमान बारामती में लैंडिंग प्रयास के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हुआ। 11

उनके निधन के बाद महाराष्ट्र और भारत भर में शोक की लहर दौड़ी। महाराष्ट्र में तीन दिनों का शोक घोषित किया गया और कई राजनीतिक नेताओं ने व्यक्तिगत श्रद्धांजलि दी। 12

उनका अंतिम संस्कार बड़े सम्मान के साथ किया गया, जिसमें परिवार के सदस्य, समर्थक और बॉलीवुड सेलेब्स भी शामिल हुए। 13

📌 विरासत और प्रभाव

अजीत पवार दादा को महाराष्ट्र की राजनीति में “दादा” के नाम से जाना जाता था। उनकी राजनीतिक समझ, प्रशासनिक क्षमता और ग्रामीण-शहरी विकास के प्रति दृष्टिकोण उनको एक विशिष्ट नेता बनाता है। उनके जाने से राज्य की राजनीति में एक बड़ा शून्य बन गया है, और भविष्य में उनके योगदान को याद रखा जाएगा। 14

✍ निष्कर्ष

अजीत पवार दादा का जीवन एक प्रेरणादायक राजनीतिक यात्रा है, जिसमें उन्होंने महाराष्ट्र की राजनीति में गहरा प्रभाव छोड़ा। उनके योगदानों और राजनीतिक संघर्षों ने उन्हें एक बड़े नेता के रूप में स्थापित किया। चाहे उनका राजनीतिक सफर कोई भी पक्षधर रहा हो, उनका प्रभाव और जनता के बीच लोकप्रियता सदैव याद रखी जाएगी।

Tags: अजित पवार, Ajit Pawar, Maharashtra politics, NCP, उपमुख्यमंत्री, राजनीति जीवनी, Ajit Pawar biography 2026

Exit mobile version