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दिवाली फराळ का मीठा आनंद – करंजी (Karanji Recipe in Hindi)

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दिवाली पर सिर्फ नमकीन ही नहीं, बल्कि मीठे फराळ का भी महत्व है। और जब बात मीठे स्नैक्स की आती है, तो करंजी या गुजिया का नाम सबसे पहले लिया जाता है। क्रिस्पी खोल और मीठा भरावन इसे हर घर की खास मिठाई बनाता है। यह न केवल स्वाद में लाजवाब है बल्कि त्योहार की रौनक को भी बढ़ाता है।

करंजी क्या है?

करंजी महाराष्ट्र और गुजरात की पारंपरिक दिवाली मिठाई है। इसे गोले या अर्धचंद्र (सेमी-सरकेंड) आकार में बनाया जाता है। आटे की पतली खोल के अंदर मीठा नारियल-गुड़, खोया, खसखस और सूखे मेवे का मिश्रण भरा जाता है। तलने पर यह सुनहरी और खस्ता हो जाता है। कुछ क्षेत्रों में इसे उबालकर या सेंककर भी बनाया जाता है।

करंजी बनाने की सामग्री (Ingredients)

खोल के लिए:

भरावन के लिए:

करंजी बनाने की विधि (Step by Step Recipe)

  1. खोल तैयार करना: मैदा, नमक और घी अच्छी तरह मिक्स करें। पानी डालकर मुलायम लेकिन सख्त आटा गूंथ लें। आटा 10–15 मिनट के लिए ढककर रख दें।
  2. भरावन तैयार करना: कद्दूकस किया नारियल, गुड़, खसखस, सूखे मेवे, इलायची पाउडर और केसर को एक बाउल में मिलाएं। गुड़ को अगर बहुत सख्त हो तो हल्का गर्म कर के नरम कर लें।
  3. आटे की रोटी बेलना: आटे की छोटी-छोटी लोइयां बनाएं। प्रत्येक लोई को पतली और गोल रोटी की तरह बेलें।
  4. भरावन रखना: रोटी के बीच में 1–2 चम्मच भरावन रखें।
  5. करंजी का आकार देना: रोटी को आधा मोड़ें और किनारों को अच्छे से दबाकर सील करें। आप दांतों वाली फORK या हाथ से सुंदर डिजाइन कर सकते हैं।
  6. तलना: कड़ाही में तेल गर्म करें। मध्यम आंच पर करंजी को सुनहरी भूरी होने तक तलें। बहुत तेज़ आंच पर तलने से बाहर जल सकती है और अंदर कच्चा रह सकता है।
  7. निकालना: तली हुई करंजी को पेपर टॉवल पर रखें ताकि अतिरिक्त तेल निकल जाए।

सर्व करने के तरीके

करंजी को ठंडा होने के बाद एयरटाइट डिब्बे में स्टोर करें। यह 2–3 सप्ताह तक ताज़ी रहती है। दिवाली बास्केट में इसे अलग बाउल में रखें और मेहमानों के लिए आकर्षक तरीके से सजाएं। चाय के साथ सर्व करना भी एक क्लासिक तरीका है।

करंजी बनाने के प्रो टिप्स (Pro Tips)

स्वाद में विविधता (Variations)

कुछ लोग नारियल और गुड़ की बजाय खोया और मेवे का मिश्रण भी भरते हैं। तुलसी या गुलकंद का हल्का छिड़काव भी स्वाद को बढ़ा देता है। उबाल कर या ओवन में सेंक कर बनाने से भी हल्का हेल्दी विकल्प मिलता है।

करंजी का सांस्कृतिक महत्व

करंजी महाराष्ट्र और गुजरात के घरों में दिवाली और गणेश चतुर्थी का अभिन्न हिस्सा है। इसे बनाना पारिवारिक रिवाज़ माना जाता है। बहु-पीढ़ियों की महिलाएं एकसाथ बैठकर करंजी बनाती हैं, जिससे त्योहार की तैयारी में सामूहिक खुशी और अपनापन जुड़ता है।

पोषण जानकारी (Nutrition Information)

स्टोरेज और प्रेज़ेंटेशन

करंजी को ठंडा करके एयरटाइट कंटेनर में स्टोर करें। नमी से बचाएं ताकि क्रंच और मिठास बरकरार रहे। गिफ्ट पैक बनाने के लिए पारदर्शी डिब्बे और रंगीन रिबन का उपयोग करें। यह दिवाली के गिफ्ट के लिए बहुत लोकप्रिय है।

निष्कर्ष

करंजी हर घर में दिवाली के त्योहार की मिठास और प्यार को दर्शाती है। सही भरावन, मुलायम आटा और मध्यम आंच पर तली जाने वाली करंजी हर उम्र के लोगों को पसंद आती है। अगली रेसिपी में हम देखेंगे चिवड़ा – हल्का, कुरकुरा और मसालेदार दिवाली स्नैक।

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